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चैनल: हम-तुम


ब्लॉग्स (11)
हम : जो हजारो रंग के सपने दे जाता है...और फिर खो जाता है....जो चुपके से कान में आकर कुछ कह जाता है...और फिर मीठी सी मुस्कान देकर चला जाता है...जो चुपके चुपके हम को देखता रहता है...और जब हम उसे देखते है तब वह नजरे चुराके चला जाता है... वह कौन है ? तुम : ... आगे पढ़ें...

हम : कैसे भूल पाऊँगा वो लम्हे जो तुम्हारे साथ मैने बिताये है...तुम्हे मालूम है आज वही लम्हे मुझे शूल बनकर चूभ रहे है...में क्या करु ? अब मुझसे सहा नहीं जाता...तुम : (मौन बेठी है.. ) हम : तुम्हारी हर बात मुझे रुलाती है... जब कभी भी तुम्हारी आवाज सूनना ... आगे पढ़ें...

हम : कल तो गजब ही हो गया... अचानक कोई पीछे से तुम्हारा नाम ले रहाँ था..जब मेंने पीछे मुड़कर देखा तो वहाँ पर कोई नहीं था..तुम : तो फिर तुम्हे किस की आवाज सुनाई दी ? हम : मेने आसपास सभी जगह पर देख लिया कहीं पर कोई नहीं था...लेकिन एक जगह पर मेरा ध्यान ही नहीं ... आगे पढ़ें...

तुम : बहुत हो गया अब गुस्सा...हम : पहले गुस्सा दिलाती और फिर मनाने लगती हो...जब कभी भी तुम से अपने दिल की बात बताता हूँ तो महान बन जाती हो.. कहती हो नही हमे ऎसा नही करना चाहिए... वैसा नहीं करना चाहिए..तुमे वैसा कर लेना चाहिए ? तुम : तुम कभी भी मेरी मजबूरी ... आगे पढ़ें...

हम : तुम्हे मालुम है हमारी पहली मुलाकात ? तुम : बिलकुलहम : उस दिन तुमने वही ड्रेस पहनी थी...जो मुझे बहुत पसंद है...तुम दौडती भागती मुजसे मिलने चली आई...तुम्हारे हाथ में पर्स था जिसमें कुछ फोटोग्राफ भी थे...तुम : हा...बाबा...मुझे सब कुछ याद है...तुम्हे तो ... आगे पढ़ें...

हम : प्यार.... एक बार जिसे हो गया समजो वो आदमी काम से गया...तुम : क्या तुमे हुआ है प्यार ? हम : पगली....प्यार तो हर किसी को होता है...बस किसी को उसका एहसास बाद में होता है तो कोई उसे पहली नजर में पहचान लेते है.... प्यार और मौत दोनो एक ऎसे बिन बुलाए महेमान ... आगे पढ़ें...

तुम : क्या रो रहे हो तुम ?हम : नहीं तो...तुम : तुम्हारा यह चेहरा बता रहा है. हम : अच्छा अब तुम मेरे दिल के भेद भी जानने लगी हो.... कुछ नहीं यूं ही किसी की याद आ गई...तुम : किस की याद आ गई ? हम : जो मेरे सपनो में रहती है..जिसका साया आज भी मेरे आसपास ... आगे पढ़ें...

हम : कुछ रिश्ते कभी-कभी ऐसे मोड ले लेते है...जहाँ से वापस आना मुश्किल हो जाता है... हम अपनी प्यार की मंजील को भूल जाते है... जब भी हम प्यार के पास वापस आना चाँहते है... तब उसी रास्तो पर अविश्वास, असंतृष्टि, बलिदान जैसे होडिंग्स बीच में आ जाते है जो हमेशा ... आगे पढ़ें...

(हम-तुम जो हमेशा एक-दूसरे से लड़ते रहते हैं।) हम : आखिर स्वाभिमान आ गया ना बीच में तुम्हारे...तुम : नहीं...ऎसा कुछ भी नहीँ...हम : जब सब कुछ ठीक चल रहाँ था...तो अचानक यह कयां हो गयाँ ? तुम : पगली...यही तो प्यार है... भगवान हर पल हम दौनो की परीक्षा लेता ... आगे पढ़ें...

मैंने ऐसा तो कुछ गलत नहीं कहा था कि तुम सब के सामने मुझे डाँटने लगे। तुम नहीं जानते मेरे दिल पर क्या बीत रही है। हर बार तुम अपने प्यार का वास्ता दे देते हो। हर बार तुम ही कहते रहते हो कि... आगे पढ़ें...

हम- तुम हम : अरे तुम आज तुम बडे. ही खुश दिख रहे हो...कुछ खास बात है क्यां ? तुम : हा में नन्ने को अरे सोरी 'नैनो' को खरीदने जा रहा हु... आगे पढ़ें...