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पब्लिक है, जो सब जानती है...।

संत कबीर कहते है '' ऎसी वाणी बोलियें मन का आपा खोयें औरो को शितल करे आप हूँ शितल होए''

काश हमारे कुछ नेता इन चूनावो में कम से कम कबीरजी के इस दोहे को अपने दिलो-दिमाग में रखते तो शायद आज जनता उन्हे बाहर न फेंकती । हम सभी ने ऎसे नेताओ को टीवी की स्क्रीन पर बहुत ध्यान से देखा, सुना और उनके हावभाव को परखा और अंत में जिन जिन नेताओ के मन में मेल भरा था उन्हे बाहर का राश्ता दिखा दिया ।

इस लिए में भारत की जनता और खास कर युवाओ को धन्यवाद कहना चाहता हूँ जिन्होने अर्थहीन संवाद करने वाले और सामने वाले पर आरोप प्रत्यारोप करने वाले नेताओ के हाथ में सत्ता की कमान नहीं आने दी ।

डॉ. मनमोहन सिंह को बार-बार कमजोर प्रधानमंत्री बताने वाली भाजपा को जनता ने लात मार दी बिलकूल उससे उल्टा मनमोहन सिंघ की निर्णायक सरकार सत्ता पर काबिज हो गई ।

देश में जिस प्रकार चूनावो के नतिजे सामने आए उससे एक बात तो स्पष्ट हो गई की देश के नागरिक स्वच्छ, सुंदर और विवेकपूर्ण भाषा का इस्तेमाल करने वाले राहुल, प्रियंका, सोनिया गाँधी और डो. मनमोहन सिंह जैसे नेताओं को ही स्वीकार करती है । The Good, Bad or Ugly कौन है उसका फेसला देश की जनता ने ही कर दिया ।

गंदी गाली बोलने वाले लालू- राबडी को जनता ने उनके कद के अनुसार चीर डाला तो दूसरी तरफ अपने आपको दलित बेटी कहने वाली मायावती की माया उन्हे बिलकुल भी हिला नहीं पाई। पासवान के पासे बिलकुल उलटे पड़े तो अमरिका के साथ परमाणु समजुति को मुर्ख कहने वाले लेफ्ट के लेफ्ट गाल पर जनता ने जोरदार चाँटा मार दिया ।

नमोहन सिंह को बार-बार कमजोर कहने वाले अडवाणीजी अब खुद पीएम पद के लायक नहीं रहे, काँग्रेस को बुढियाँ कहने वाले नरेन्द्र मोदी ने भी गुजरात को छोड जहाँ कही भी चूनावी रेली को संबोधित किया वहाँ भाजप को हार का सामना करना पड़ा। जहाँ भी मोदी के आक्रमक सूर देखने और सुनने मिले वहाँ पर भाजप को नुकसान हुआ ।


माना कि हमारे देश की जनता गरीब और अशिक्षित है लेकिन मूर्ख नहीं है। वह इन सभी नेताओं को अब अच्छी तरह जानने लगी है । वह जानती है कि देश का सुकान अच्छी वाणी बोलने वाले और मीतभाषी नेताओ के हाथ में ही सोपना उचित है ।

कोमवाद के नाम पर लोंगो को भडकाने वाले और धर्म के नाम पर लोगो को बाँटने वाले नेता अब उन्हे पसंद नहीं है ।

जनता अब शांति से जिना चाहती है और उन्होने अपना यह संदेश इन परिणामो के जरिए दे दिया है । ऎक बार फिर से भारत की जनता का धन्यवाद कहना चाहता हूँ । 'जय हो'


( अपनी प्रतिक्रिया अवश्य भेजे । कृपया हिन्दी सुधारके पढे.. जनक (09754144124).. नाम तो याद रहेगा शायद )

प्रतिक्रियाएँ

Re: पब्लिक है, जो सब जानती है...।
मायावती को सत्ता में होते हुए भी मिले कम सीट, वहीं दिल्ली में उनके हाथी की जमानत जब्त हो गई. लालू की लालटेन की रोश्नी कम हुई, तो कमल मुझरा सा गया.
Re: पब्लिक है, जो सब जानती है...।
http://naayika.mywebdunia.com/2009/08/15/episode_35_1250345520000.html
Re: पब्लिक है, जो सब जानती है...।
आप वरुन गाँधी भूल गए शायद इस लेख की पोल खुल जयेगि कोंग्रेस् कि असलीयत के लिए सुरेश चिप्लुंकर का ब्लॉग पड़े
अस्वीकरण