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21 सितंबर, 2008


ब्लॉग्स (1)
हम : जो हजारो रंग के सपने दे जाता है...और फिर खो जाता है....जो चुपके से कान में आकर कुछ कह जाता है...और फिर मीठी सी मुस्कान देकर चला जाता है...जो चुपके चुपके हम को देखता रहता है...और जब हम उसे देखते है तब वह नजरे चुराके चला जाता है... वह कौन है ? तुम : ... आगे पढ़ें...