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2 सितंबर, 2008


ब्लॉग्स (1)
मेरे बेटे मेने तुम्हे बचाने के लिए पूरी महेनत की...लेकिन मुझे माफ कर देना.... क्योंकि शायद कुदरत हम दौनो को अपने पास बुलाना चाहती है...आजा मेरे पास आकर एक बार मुझे गले लगा ले...क्या मालूम अगले जन्म मे मैं तुम्हे अपनी ममता और दुलार दे पाऊँ या नही... देख ... आगे पढ़ें...