हम : पहले गुस्सा दिलाती और फिर मनाने लगती हो...जब कभी भी तुम से अपने दिल की बात बताता हूँ तो महान बन जाती हो.. कहती हो नही हमे ऎसा नही करना चाहिए... वैसा नहीं करना चाहिए..तुमे वैसा कर लेना चाहिए ?
तुम : तुम कभी भी मेरी मजबूरी नहीं समज सकोगे... में किस दौर से गुजर रही हूँ वह शायद तुम कभी भी नहीं जान पाओगें.....

हम : में सब जानता हूँ...में समजता भी तो हूँ... लेकिन तुम मुझे क्योँ भूल जाती हो...माना तुम्हारे लिए तुम्हारे माता-पिता पहले है...लेकिन में भी तो हूँ...
तुम : अब तुम ही बताओ में क्याँ करु ? में कहाँ जाउ ? मुझे कोई रास्ता भी तो नहीं दिख रहाँ..जो मेरी किस्मत में लिखा होगा.. वो मेरे साथ होगा...जिसे हम कोशिष के बाद भी नहीं बदल सकते...अब तुम दूसरी बात करो....
हम : क्यों भूल गई...तुमने ही तो कहाँ था कि में जीवनभर तुम्हारे कदमो के निशान पर चलूँगी और जब मेरा ईशारा होगा तब रुकुंगी...आज क्यों ऎसा हो गया तुम्हे...?
तुम : तुम्हे झगड़ा है ना तो झगड़ लो...
हम : भला में तुमसे झगड़ा कर के कहाँ जाउंगा...तुम्ही तो मेरी जिंदगी हो....लेकिन क्याँ करु में भी तो बहुत बड़ी मुश्किल में फस गया हूँ..
तुम : तुम अपने माता-पिता की बात मान लो और किसी दूसरी लड़की से शादी कर लो..
हम : और तुम...
तुम : मेरा क्या है... अब इस जिंदगी से मुझे कोई रुचि नहीं... जहाँ वो लेकर जाएंगी वहाँ चली जाउंगी...लेकिन तुम अब अपने आप पर पूरा ध्यान दो...प्लीज मेरी खातिर... तुम अपने शरीर को कष्ट मत दो... इस जिंदगी को एक बार खुश होकर जीना शीखो..देखना फिर तुम्हे यह जिंदगी बहुत खुशनुमा लगेगी.....
हम : Thanks for your Advise ...
तुम : में अब घर चलती हूँ वैसे भी बहुत देर हो गई है......
हम : ठीक है... क्यों आज I Love You नहीं कहोंगी......
तुम : वह तो मेरे दिल ने कब से कह दिया...लेकिन शायद तुम्हारे कान उसे सुन नहीं पाए......
जनु की जुबानी
दोस्तो यहाँ पर कोई झगड़ा नहीं है...यहाँ पर सिर्फ प्यार ही प्यार है..एक ऎसा लड़का है जो अपने प्यार को छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकता..तो एक ऎसी लड़की है जो अपनी सभी खुशी को दाँव पर रखकर प्यार से दूर होना चाहती है....सच्चे प्यार करने वालो के जीवन में यह बात एक ना एक दिन जरुर सामने आकर खड़ी हो जाती है..आखिर क्यां करे ऎसे मौको पर ?
में बताना चाँहूगा कि ऎसे मौको पर सिर्फ और सिर्फ अपने दिल की बात सूने...हमारा दिल क्यां चाहता है...यहाँ पर धैर्य रखना भी जरुरी है...लेकिन घैर्य इतना भी नहीं होना चाहिए की समय ही बीत जाए और आप के हाथ में करने के लिए कुछ भी ना बचे...
कुछ लोग कहते है की उसे भविष्य पर छोड़ देना चाहिए...में उससे सहमत नहीं हूँ...क्योंकि if you will do it tommorow then your tommorow will never come...
Time is like a river you cannot touch the same water twice because the flow that has passed will never pass again..
इसलिए दोस्तो''Enjoy every moment of life and became live' '
( प्यार के बारे में आप के क्या विचार है ? आप हम-तुम को अपने विचार भैज सकते है...जनक...नाम तो याद रहेगा शायद)

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