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हम-तुम

हम : तुम्हे मालुम है हमारी पहली मुलाकात ?

तुम : बिलकुल

हम : उस दिन तुमने वही ड्रेस पहनी थी...जो मुझे बहुत पसंद है...तुम दौडती भागती मुजसे मिलने चली आई...तुम्हारे हाथ में पर्स था जिसमें कुछ फोटोग्राफ भी थे...

तुम : हा...बाबा...मुझे सब कुछ याद है...

तुम्हे तो मालूम भी नही था कि हमे कहा मिलना है...वह तो मेने तुम्हे बताया था..

वरना तुम तो बस इधर-उधर घुमते ही रहेते...भुलक्कड़....

लेकिन आज तुम्हे हमारी पहली मुलाकात क्यों याद आ गई..


हम : बस यू ही... वह दिन मुझे अच्छी तरह याद है जब मे पहली बार तुमसे अकेले में मिला था... उस वक्त में डर रहा था... सौचता था कि इस लड़की से कैसे बात करु...

तुम : में भी तो डर रही थी... हम दौनो के पास बोलने के लिए शब्द नहीं थे... हम दौनो एक-दूसरे से अपनी नजरे चूरा रहे थे...

हम : डर मुझे उस दिन भी लग रहा था और आज भी लग रहा है .. डर है कि तुम्हे खो दूंगा...में तुम्हे खोना नही चाहता...

तुम : मे भी तो तुम्हे खोना नही चाहती... में भी तुम पर मरती हूँ और तुम पर मरकर ही तो शायद मुझे जिने का मन करता है...तुम से ही तो मेने दिल की बाते शीखी है...

हम : तुम्हे मालूम है मेरा दिल हमेशा मुझसे क्या कहता है ?

तुम : क्या कहता है तुम्हारा दिल ?

हम : जब कभी भी में खुश होता हू तो वह मुझे हमेशा कहेता रहता है...'' भैया संभल जरा... बहुत खुश मत हो...जमाना प्यार का दुश्मन है...कई इस जमाने की नजर न लग जाए तुम्हारे प्यार को...क्योंकि प्यार तो वह चीज है जो आँखो से शुरू होती है और आँसूओ से खत्म होती है...

तुम : में कभी भी तुम्हारी आँखो में आँसू आने नहीं दूंगी... तुम कहोगे तो में जीवन भर तुम्हारे कदमो के निशानो पर चलूंगी और जब भी तुम्हारा इशारा होगा तब रुकूंगी...आई लव यू लोट्स...

हम : आइ लव यू टू...


जनु जुबानी

प्यार का धागा बहुत कमजोर होता है...लेकिन कमजोर होने पर भी वह विश्वास के बलबूते पर इतना मजबूर रहता है कि दुनिया अगर चाहे तो भी उसको तोड़ नही सकती...उसे सिर्फ दो लोग ही तोड़ सकते है... जो इस धागे से बंधे हुए है..जो एक-दूसरे से बहुत प्यार करते है...

दोस्तो प्यार के इस अनमोल धागे को कभी भी टूटने मत देना क्योंकि अगर यह धागा एक बार भी टूट गया तो उसे चाहने से भी फिर से जोड़ा नही जा सकता...एक बार तुटे हुए धागे को हम अगर फिर से जोड़ना चाहे तो भी बीच में गांठ तो रह ही जाती है.....


इसलिए दोस्तो

Never ask do u love me, first say I love u.

Never say I cant live without u, say I live for u.


(प्यार के बारे में आप के क्या विचार है... आप अपने विचार हम-तुम तक जरुर भैजे... जनक...नाम तो याद रहेगा शायद )

प्रतिक्रियाएँ

Re: हम-तुम
प्यार को अपनी सरल कहानी के जरिये पेश किया। बात आपने सादगी से कही, मार्मिक है। आपका प्रस्तुतिकरण भी अच्छा है। शुभकामनाएं।
Re: हम-तुम
Pyar ko banaye rakhne ke liye Vishvaas bahut jaruri hai. Hume hamare pyar par Humesha Vishvaas hona chahiye, kyunki Pyar sirf Vishvaas par hi kayam reh sakta hai. Vishvaas ka dusara naam hi to Pyar hota hai. Aapne bahut sahi bataya hai ki, Pyar Ki dor ko hume majboot banana padta hai.
Re: हम-तुम
खुबसूरत दिल से निकली खुबसूरत पंक्तिया. बहुत ही सुंदर. आभार.
Re: हम-तुम
बेहद कुशल और कोमल अभिव्यक्ति है आपकी । बधाई !! smriti
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