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यह हाथ अब ले ले गब्बर....

यह हाथ मुझे दे दे ठाकुर...

नहीं...

यह हाथ मुझे दे दे...

नहीं गब्बर...


दोस्तो आपको मालूम हो ही गया होगा की यह डायलोग फिल्म 'शोले' का है जिस में गब्बर सिंघ ठाकुर के हाथ काट देता है..पूरी फिल्म में ठाकुर अपने हाथो को छुपाने के लिए एक कंबल ओढकर रखता है... लेकिन अब उसे यह कंबल ओढ़्ने की जरुर नहीं है... क्योंकि उसके हाथ वापस आ सकते है...

जर्मनी की एक मेडिकल टीम ने यह कारनामा कर दिया है...उसने बीना हाथ वाले एक इंसान के शरीर में फिर से नये हाथ जोड़ दिये है... अब ठाकुर को भी गब्बर को मारने के लिये किसी जय और विरु का सहारा लेना नहीं पडेगा...


हकीकत में किस्सा कुछ इस प्रकार है...

जर्मनी की एक मेडिकल टीम ने हाल ही में एक गरीब किसान के शरीर में नये हाथ ट्रान्सप्लान्ट किए है... एक दुर्घटना के दौरान इस किसान ने अपने दोनो हाथ गँवा दिये थे... इस किसान को दो हाथो का दान किया गया... दान देने वाले लोग उस 19 साल के लड़के के परिजन थे जो इस किसान के ऑपरेशन के पहले मर चूका था...

अंपुटे नाम का यह जर्मन किसान पीछले छ साल से बीना हाथ के अपना जीवन जी रहाँ था... म्युनिच टेक्निकल युनिवर्सिटी के सुत्रो के अनुसार तारीख 25 और 26 जुलाई को इस 54 वर्षीय किसान का ऑपरेशन किया गया... ऑपरेशन 15 घंटे तक चला... यह दुनिया का सबसे पहेला हेन्ड ट्रान्सप्लान्ट (the world’s first complete double arm transplantation) ऑपरेशन था...

ऑपरेशन के बाद जब अंपुटॆ की पत्नी उसे मिलने आई तो उसके नए हाथ देखकर खुशी के मारे पागल हो गई... उसे मानने में नहीं आ रहा था कि उसके पति के हाथ फिर से वापस आ गए है... ड़ाक्टरो ने बताया कि चूँ कि अंपुटे का हाल ही में ओपरेशन किया गया है...

इस कारन उसके हाथ की गतिविधि में थोड़ा समय लग सकता है.. अभी उसके नए हाथ की सभी नसे विकसीत नहीं हुई है..

लेकिन ड़ाकटर को मानना है कि दो साल के बाद अपुटे खुद अपने हाथो से खाना खा सकेगा...

फिलहाल अंपुटे पूरी तरह स्वस्थ है...


Courtesy: TOI

(आर्टिकल के बारे में अपनी प्रतिक्रिया अवश्य भैजे..जनक नाम तो याद रहेगा शायद)

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