जब प्यार करे कोई...तो देखे केवल मन...
किसी ने सच ही कहा है कि प्यार करने की कोई उम्र नहीं होती। वह तो सिर्फ सामने वाले का मन देखता है। प्यार तो एक ऐसा नशा है जो सबको अपने मोहजाल में फँसा लेता है। कोई भी प्यार से बच नहीं पाया। ना में और ना ही आप..
. आठ साल का वह आशिक अपनी हमउम्र लड़की से बहुत प्यार करता था। लेकिन उस लड़की को यह बात मालूम नहीं थी। जब भी वह स्कूल जाता, तो देखता की वह लड़की बिल्कुल उसके सामने वाली बैंच पर बैठती है। वह हर दिन उससे बातें करने की सोचता लेकिन हिम्मत नहीं कर पाता था।
लेकिन कहते हैं ना कि अगर आप किसी को भी सच्चे दिल से चाहो तो पूरी कायनात उससे आपको मिलवाने लिए जूट जाती है। उसका प्यार सच्चा और पवित्र था। धीरे-धीरे उन दोनों में मित्रता होने लगी और फिर प्यार हो गया। दोनों ने तय किया कि जब कभी वह बड़े होंगे तब जीवन भर के लिए शादी के बंधन में जुड़ जाएँगे।
लेकिन भगवान को शायद यह बात मंजूर नहीं थी। रिस नामक वह छोटा लड़का अचानक ही ल्युकेमिया नाम की एक भयानक बीमारी शिकार हो गया। वह हर दिन मौत के करीब जा रहा था। वह जानता था कि अब उसके पास ज्यादा दिन नहीं बचे थे।
एक दिन उसने अपनी माँ को गले लगाकर कहा कि ''मम्मी अभी में यह दुनिया छोड़ना नहीं चाहता'' में उससे बहुत प्यार करता हूँ। मैं उससे शादी करना चाहता हूँ। अभी तो मुझे फेरारी कार में बैठकर जिंदगी के मजे लूटने हैं।
बेटे का दर्द माँ के अलावा भला कौन अच्छी तरह जान सकता है। माँ को मालूम था कि उसका लाल अब लम्बे समय तक उसका साथ नहीं दे पाएगा। उसने मन ही मन अपने बेटे की शादी करने की सोच ली।
सबसे पहले लोरेन्स ने अपने बेटे की कार में बैठने की इच्छा पूर्ण की। फिर उसने एलेनोर के माता-पिता से संपर्क किया। लड़की के माँ-बाप आखिर राजी हो गए और फिर रिस की एक काल्पनिक शादी का आयोजन किया गया।

आज रिस ने बहुत सुंदर कपड़े पहने थे। उसके शर्ट की जेब में लाल गुलाब था। वह बड़ी आतुरता से अपने प्यार का इंतजार कर रहा था।
अचानक ही एलेनोर अपने माता-पिता के साथ आ जाती है। आज वह भी एक दुल्हन के लिबाज में तैयार होकर आई थी। उसके हाथों में फूलों का गुलदस्ता था।
शादी की रस्म शुरू की गई। एक कमरे में सभी लोग इकट्ठे हुए। एलोनोर की माँ हना शादी करवाने वाली पंडित बनी। दोनों ने एक दूसरे को शादी की अँगूठी पहनाई और शपथ ली। उनको शादी का प्रमाण-पत्र दिया गया।
वह लड़का खुश होकर अपनी माँ के पास आया और बोला 'माँ, अब मेरे जाने का समय हो गया है मेरी सभी इच्छा आज पूरी हो गई '। माँ की आँखों में आँसू छलक रहे थे। वह अपने लाल को गले लगा लेती है और उसका वही लाल थोड़े दिनों के बाद हमेशा-हमेशा के लिए सबको छोड़कर इस दुनिया से चला जाता है।
जनु की जुबानी...
जीवन में जो कुछ भी हम चाहते हैं वह हमें मिले यह जरूरी नहीं। लेकिन अगर आप किसी को भी सच्चे दिल से चाहते हो तो उसी पल उसे बता दो। क्योंकि जीवन का कोई भरोसा नहीं। आज की बात कभी भी कल पर मत छोड़ो, क्योंकि जिनका आज खो जाता है। उन्हें कल कभी मिल नहीं पाता।
(यह एक सत्य घटना है... जो हाल ही में लंदन शहर में घटित हुई.. आपको यह मार्मिक कथा कैसी लगी... कृपया अपनी प्रतिक्रिया अवश्य भेजें... यह हमारी ओर से रिस के लिए एक श्रद्धाजंलि होंगी.. एक ऐसे आशिक के लिए जिसने जो चाहा वह पाया...)

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