Webdunia: Portal - Search - Mail - Greetings   More >>
Support | Font Download | Feedback
Search  
Welcome, Guest  [ Register | Sign In ]

11 जुलाई, 2008


ब्लॉग्स (1)
तुम : क्या रो रहे हो तुम ?हम : नहीं तो...तुम : तुम्हारा यह चेहरा बता रहा है. हम : अच्छा अब तुम मेरे दिल के भेद भी जानने लगी हो.... कुछ नहीं यूं ही किसी की याद आ गई...तुम : किस की याद आ गई ? हम : जो मेरे सपनो में रहती है..जिसका साया आज भी मेरे आसपास ... आगे पढ़ें...