Webdunia: Portal - Search - Mail - Greetings   More >>
Support | Font Download | Feedback
Search  
Welcome, Guest  [ Register | Sign In ]

हम-तुम

हम : कुछ रिश्ते कभी-कभी ऐसे मोड ले लेते है...जहाँ से वापस आना मुश्किल हो जाता है... हम अपनी प्यार की मंजील को भूल जाते है...

जब भी हम प्यार के पास वापस आना चाँहते है... तब उसी रास्तो पर अविश्वास, असंतृष्टि, बलिदान जैसे होडिंग्स बीच में आ जाते है जो हमेशा हमे गलत दिशा सूचित करते है.. और अंत में हम थक हार कर उसी जगह पर बेठ जाते है...जहाँ पर हम होते है...

आखिर हम अपना सही रास्ता केसे ढूँढ शकते है...? हम प्यार के पास वापस किस प्रकार आ शकते है..


तुम : तुम सही कह रहे हो 'हम'

कभी कभी छोटी छोटी बाते बडा रुप ले लेती है... मामूली मतभेद और अपने प्यार का सम्मान न करने से एक बडी समस्या खडी हो जाती है... जो हमारे रिश्तो का खून कर देती है...


हम : शायद इसलिए तो कोई भी शख्स दूसरी बार अपना हनीमून मनाने नहीं जाता... दोस्तो क्यां आपने कभी सुना है कि आपका कोई दोस्त दूसरी बार हनीमून मनाने के लिए गया ? शायद आपने यह बात कभी नहीं सूनी होगी... मेरा एक दोस्त अपनी पत्नी के साथ दूसरी बार हनीमून मनाने गया लेकिन अब उन दोनो के रिश्तो में वह प्यार और गहराई नहीं थी जो उन्होने अपने पहले हनीमून में महसूस की थी..

तुम : क्यों ?

हम : जब हम अपने जीवन साथी की पसंद और ना पसंद पर तवज्जु देना भूल जाते है.. जब उसके प्यार की जरुरत को भूलकर सिर्फ शारीरिक वासना पर ज्यादा ध्यान देना केन्द्रित कर देते है..तब इस प्रकार की समस्या का निर्माण होता है...

तुम : 'हम'.... तुम हमेशा गोलगोल बाते करते रहते हो..कृछ विस्तृत से समजाओ...

हम : तो सुनो... अगर तुम्हारे पास एक नई कार और एक पूरानी कार है... तो तुम किस को ज्यादा पसंद करोंगी..

तुम : अफकोर्स...नइ कार को ?

हम : वही तो... हम हमेशा नई कार को पसंद करते है..उसकी मरामत और रखरखाव के लिए खूब सारे पैसे खर्च करते है... और पूरानी कार जो अच्छी एवरेज दे रही है वो हमारे घर के गोडाउन में बारीस की मार से सडती रहती है..हम उसको बिलकुल भूल जाते है...

तुम : लेकिन कार का इस बात से क्यां लेना...

हम : लेना-देना तो है ही...जिस प्रकार हम पूरानी कार को भूल जाते है...उसी प्रकार हम पूराने रिश्तो को भी भूल जाते है.. हमे अपने पूराने रिश्तो को फिर से प्रज्जवलित करना चाहिए...उसे किसी गोडाउन में कार की भाति सडने नहीं देना चाहिए..अगर हम उसकी कद्र करने लगे तो वह भी अच्छी एवरेज देंगे अर्थात मजबूत बनेंगे...वह रिश्ता कोई भी हो शकता है..पति-पत्नी का, माता-पिता का, भाई-बहन का याँ प्रेमी-प्रेमिका का या फिर कोई और

तुम : तुम सहीं कह रहे हो... ' हम' तुम प्यार को अच्छे से समजते हो..इसलिए तो मे तुम्हे सबसे ज्यादा प्यार करती हुँ... आई लव यू...आई लव यू लोट्स

हम : आई लव यू टु माई लाईफ...


जनु की झुबानी...

A good heart is better than all the heads in the world.

(हम-तुम को आप भी प्यार से संबंधित कुछ सुझाव दे शकते है... )