
मुंबई के अनिल पीछले 33 सालो से दूध पर ही निर्भर है...वह दूध के अलावा और कुछ भी नहीँ खाते-पाते...
लिम्का बुक ऑफ रिकोर्ड में नाम दर्ज करवाने अनिल का कहना है कि '' अस्पताल में तीन मास के लंबे टेस्ट के बाद डोक्टरो की टीम हैरान हो गई जब उन्हे मालूम हुआ कि मै पिछले कई सालो से दूध के अलावा और कुछ भी नहीँ खाता-पीता.
उन्होने इस के लिए मुझे एक प्रमाण पत्र भी दिया. जिजसे लिम्का बुक ऑफ रिकोर्ड के निणायको ने उचित ठहराया.
अनिल हर दिन पाँच लिटर दूध पी जाते है.. और जब कभी भी उन्हे बहुत भूख लगती है तब वह बीना रुके पाँच गिलास दूध पी लेते है..
अनिल ने अपनी जरुरुत के अनुसार ही अपना काम ढूँढा है...वह यहाँ के एक बडे डेरी प्लान्ट में जोब करते है... जहाँ से उने दिनभर का दूध मिल जाता है... मानो यह डेरी कोई डेरी नहीँ बल्कि अनिल की माँ है....
डेरी के संचालको ने भी अनिल की आदत की सराहना करके उन्हे पुरस्कार से सन्मानित किया है...
अनिल के पेट में बचपन से लेकर अब तक दूध के अलावा और कोई चीज नहीँ गई... जब उसके माता पिता उसको रोटी-चावल खिलाते थे तब वह थाली को फेंक देता था..
अनिक के पिताजी रघुनाथ कहते है कि ' हमने कभी उसे कोई जबरन चीज खिलाने का प्रयास नहीं किया... वो तो भगवान के हम आभारी है जो हमारे घर में मवेसी थे'
अनिल की परेशानी...
आदमी को अपनी कोईना कोई आदत परेशान करके रख देती है....अनिल भी अपनी आदत से बहुत परेशान है..पहले तो यह कि उनकी शादी नहीँ हो पा रही है...वनस्पतिशास्त्र और केमेस्ट्री में स्नानक होने के बावजूद भला कौन शादी करेगा इस 'मिल्क मेन' से... .
दूसरी वात यह कि अनिल को कुछ मिनरल्स भी नहीँ मिल पा रहे है...दूध का लगातार सेवन करने से और अन्य कोई भोजन ना लेने से उस के शरीर में लोहतत्व की मात्रा न होने के बराबर है... आखिर क्यां इतना दूध उनके एक समय के खाने की आपूर्ति कर देता है ? चलो उसके बारे में बाद में सोंचेंगे..
फिलहाल आप अपनी प्रतिक्रिया बताए ''सिर्फ दूध के सेवन से क्यां आदमी पूरी जिंदगी काट शकता है'' ?
(सौजन्य : Mumbai Mirror )

लोड हो रहा है...
प्रतिक्रियाएँ