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क्यां दुसरी दुनिया है ? ....

जिसे देख वैज्ञानिकों की आँखे भी चार हो गई...

क्यां इस दुनिया में वाकैही में भगवान का अस्तित्व है...दुनिया का पालनहार क्यां सच मे हम सब को उपर आसमान में बेठे बेठे देख रहाँ है...

क्यां भगवान ब्रम्हा, विष्णु, महेश सच मे है....ऎसे कहीं सवाल सदीयो से हमारे जहन में घुमते आ रहै है... हमने परमात्मा की खोज के लिए न जाने कयां क्यां कर दिया है..लेकिन अब तक हमको परमात्मा की और से कोई संकेत नहीं मिला है... ...


लेकिन शायद कानपुर के एंजिनियर अशोक घई की परमात्मा की प्रति आस्था रंग लाई है...

उनका दावा है कि उन्हे पृथ्वी के बहार से कुछ ऎसे संकेत मिल रहे है जिसमे कोई दिव्य शक्ति उन्हे सांकेतिक तसवीरे भेज रही है..

इन तसवीरो में शिवलिंग, कृष्ण, महात्मा गांधी, भगवान महावीर की आकृति दश्यमान है...

अशोकजी ने बकायदा इस बात पर 20 साल तक रिसर्च भी की है.. उन्होने इस के लिए ईंडियन इन्स्टिट्युट ऑफ टेक्नोलोजी की मान्यता भी प्राप्त है... यह इन्स्टिट्युट आई.आई.टी के नाम से प्रचलित है जिसकी विश्वसनियता को पूरे विश्व में मान्यता मिली है..


अशोकजी ने एक निजी समाचार चेनल को दिए साक्षात्कार में कहाँ है कि वह पीछले 20 साल से इस दिशा में खोज कर रहे है...

कानपुर का एंजिनियर ने बताया कि ' वह एक दिन भगवान के मंदिर के सामने एक मंत्र का जप कर रहे थे... बाद में उन्होने परलौकिक शक्तिओसे सवाल पुछना शरु किया... उन्होने एक कागज पर एक सवाल लिखा और बाद मे उसको जला दिया बाद मे उन्होने दूसरा कागज लिया एक ज्योति के सामने रखा और अचानक ही उस कागज में सुई की नौक से भी छोटे बिंदु अंकित हो गए'


अशोक घई ने इन बिंदुओ का अवलोकन करने के लिए सभी कागजो को आईआईटी में भेज दिया... और जब उन्हे एनलार्ज किया गया तब वहाँ के सभी वैज्ञानिक की आँखे चार हो गई... क्योकिं वाकैही में उस बिंदुओ की आकृति हनुमान, विष्णु, शिवलिंग, श्रीकृष्ण, महावीर से मेल खा रही थी...

क्यां यह दूसरी दुनिया के जिंदा सबूत है... क्यां पृथ्वी के अलावा भी कोई दूसरी दुनिया का अस्तित्व है...अगर नहीं तो क्यां यह कानपुर का एंजिनियर और आईआईटी के वैज्ञानिक झूठ बोल रहै है.... क्यां यह महज एक कल्पना तो नहीं है ना... अपनी प्रतिक्रिया अवश्य भेजे....

(सौजन्य : आईबीएन, अकिला)
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