कृपया बेंग्लूरु की इस घटना पर ध्यान दे... जिसे मेरे एक अजीज दोस्त ने मेल के जरिए मुझ तक पहुचाया हैं।
इस के पीछे कितना तथ्य है वह मे नहीं जानता... बस मेरा प्रयास तो सिर्फ एड्स के प्रति लोगो के बीच मे जागरुकता लाने का है
घटना कुछ इस प्रकार हैं...
उस बच्चे की गलती सिर्फ इतनी ही थी कि उसने अनानस खाया था। 10 साल का वह मासूम बच्चा पीछले प्रदंह दिनो से बीमार था। उसके माता-पिता उसकी सेहत को लेकर बहुत चिंतित थै। आखिर में वह अपने बेटे को डोकटर के पास आए।
डोक्टर ने उसका निदान किया और कहाँ आपके बच्चे को तो ऎड्स हैं।
क्याँ ?
उसके माता-पिता यह बात मानने के लिए तैयार ही नहीं थे। वे उस बच्चे को मेड़िकल चेक-अप करवाने ले गए। उन दोनो में से किसी को भी ऎड्स नहीँ था।
ड़ोक्टरो की टीम ने उस की दोबारा जाँच की उन्होने बच्चे से पुछा तुम ने पीछले दिनो में घर से बहार जाकर कोई चीज खाई थी क्याँ ? बच्चे ने अपना सर हिलाकर बताया कि उसने पंद्रह दिन पहले शाम के समय बजार से पाइनेपल खाया था।उसका जवाब सुनकर ड़ोक्टरो की एक टीम उस पाईनेपल विक्रेता के पास पहुँच गई। उन्होने वहाँ जाकर देखा की अनानस विक्रेता के हाथ की उंगली पर ऎक पट्टी बंधी हुई थी।
उसने बताया कि पंद्रह दिन पहले अनानस काटते समय उसकी उंगली में छुरी लग गई थी और उसका सारा खून फलो पर आ गीरा था। डोक्टरो ने उसके खून की भी जाँच कि और पाया कि अनानस विक्रेता के खून में ऎड्स के वायरस हैं।
यह आदमी खुद भी नहीँ जानता था कि उसे ऎड्स हैं। बदनसीबी से आज वह लड़्का भी ऎड्स का शिकार बन चूँका हैं।
इसलिए यहाँ पर कहना चाहुँगा कि जब भी आप बहार जाकर कुछ भी खाए (खास कर गोलगप्पा और वड़ापाउ) तब इन चीजो का ध्यान रखे।
अपने दोस्तो को भी यह संदेश भेजे जीस तरह मेरे ऎक प्यारे दोस्त ने मुझे यह संदेश भेजा है आप भी इसे कई लोगो को भेजकर ऎड्स से लड़्ने में अपना अमूल्य योगदान दे।
श्रेणियाँ: करन्ट अफेर्स
2008
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