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उसने सबका चैन लूँटा....

'' अगर सबूत नहीं तो अपराध भी नहीं''

'' अगर सबूत नहीं तो अपराध भी नहीं'' ऎसा ही कहते है हमारे यह जनाब।

कहने के लिए तो यह एक छोटे से चोर है, लेकिन कानून की भाषा इनको बहुत अच्छी तरह आती है।

जरा आप भी तो जानो इस चोर की चतुराई।

इंदौर के खजराना विस्तार में रहेने वाला अफजल अब्दुल नाम का यह चोर पेशे से सोने की चैन चुराता है, लेकिन अब तो इसने इंदोर पुलिस की नींद और चैन दोनो चुरा लिया है।


बात कुछ ऎसी है कि, अफजल ने मंगलवार को अपने एक दोस्त मोटा के साथ मिलकर इंदौर के व्यकंटेश नगर में रहने वाली एक महिला अंजली जैन की सोने की चैन क्लायाणी नगर विस्तार से चूरा लिया।

अफजल और मोटा चैन चूराकर भाग ही रहे थे कि अंजली जोरजोर से चिल्लाने लगी। आसपास के लोगो ने उसकी पुकार सुनकर इन दोनो का पीछा किया। खैर, मोटा तो भाग गया लेकिन हमारे यह चोर साहब पकड़ॆ गए।

अफजल को पुलिस के सामने लाया गया। शरु में वह अपने आपको सब के सामने निर्दोष बताता रहा, लेकिन जब अंजली ने उसे पहचान लिया तो उसने चैन चुराने वाली बात कबूल कर ली।


बात यहाँ पर खतम नहीं हुई क्योंकि पिक्चर अभी बाकी है मेरे यार।

अब सबके सामने एक ही सवाल था कि अफजल ने सोने की चैन कहाँ रखी। जब पुलिस ने यह सवाल अफजल को पुछा तो उसका जवाब चौका देने वाला था। अफजल ने कहाँ कि वह सोने की चैन को निगल चूका है।

पुलिस के पास बस अब एक ही काम बचा कि सोने कि चैन को अफजल के पेट से निकाले तो केसे निकाले ? एक समजदार पुलिस अधिकारी कुछ केले लेकर आकर आ गए और अफजल को खिलाने लगे।


एक....दो....तीन....दस .......अब...बस......

अफजल भी केले खा- खाकर थक गया उसने पुलिस को मार्गदर्शन देते हुए कहाँ कि मुझे लगता है कि केले खाने से काम नहीं बनेगा आप तो मेरे लिए दो-तीन पक्के अमरूद लेकर आओ।

बैचारी इंदौर पुलिस मजबूर थी वह दो तीन पक्के अमरूद भी लेकर आई। लेकिन अंत तक चैन न निकलने से सब लोग बैचेन हो गए।

अब किसी भी हालत में चैन को तो बहार निकाल ना ही था। आखिर में थक हारकर पुलिस ने अफजल को यहाँ कि एम वाय अस्पताल में भर्ती कर दिया।

पुलिस ने वहाँ के डोक्टर को अपील करते हुए कहाँ भी कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन हमे चैन चाहिए
....मन का और सोने का....दोनो...।.

अब देखते है कि अफजल के पेट में से चैन कब बहार निकलता है...फिलहाल तो वह एम वाय अस्पताल के बिस्तर पर सोते हुए केले और अमरूद खा रहाँ है और मन ही मन..मुस्कुरा रहा है...


आप को यह सत्य कथा केसी लगी अपनी प्रतिक्रिया अवश्य भेजे...

जनक....

प्रतिसाद

Re: उसने सबका चैन लूँटा....
आपके द्वारा लिखी गई यह सत्य कथा बहुत ही अच्छी लगी | कथा तो सब लिखते है, लेकिन सत्य कथा लिखकर सत्यता से परिचित बहुत कम लोग करवाते हैं | वैसे आपने इस कथा में एक चोर की चालाकी का अच्छा परिचय दिया हैं, जिसने अपनी चालाकी से पुलिस को गुमराह कर दिया |
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