अब यह तस्वीर ही देख लो।
यह तस्वीर गुजरात के पोरबंदर शहेर की है। जहाँ पर 26 जनवरी के दिन वहा के प्रशांसन ने महात्मा गाँधी की प्रतिमा को फुल हार और रंगीन रोशनी से सजाया था। उनकी गलती सिर्फ इतनी थी की उन्होने रोशनी के इलक्ट्रिक तार को महात्माजी के गले में डाल दिया। फिर क्यां होना था। बस जन्म ले लिया एक नये विवाद ने।
अर्जुन मोढवाडिया नाम के स्थानिय नेता ने आग बबुला होकर इस वात को बहुत उछाला।
उनका कहना था कि बापु को रोशनी के ईलेक्ट्रीक तार के माध्यम से फाँसी देना का प्रयास किया गया है। उन्होने तो इस मुद्दे पर सरकार को फरियाद करने की भी ठान ली है। बेचारे स्थानिय प्रशासन ने कभी सोचा भी नहीं होंगा की विरोधी उनके यह प्रयास को फाँसी का रुप दे देंगे। वो तो अब पूरी तरह फस गए ।
शायद अगली वार 26 जनवरी के दिन वह बापु की मुर्ति पर कीसी भी तरह का श्रृंगार नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि पोरबंदर महात्मा गाँधी की जन्मभूमि है।
(क्यां यह आरोप लाजमी है हमे आपकी प्रतिक्रिया अवश्य भेजे और हिन्दी सुधारके पढीए )

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