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हम-तुम

अगर आप किसी से प्यार करते हो तो इसे जरुर पढ़े।

(हम-तुम जो हमेशा एक-दूसरे से लड़ते रहते हैं।)

हम : क्या बात है आज तुम उदास क्यों दिख रही हो?
तुम : कुछ भी तो नहीं
हम : मुझे साफ दिख रहा है।
तुम : यह तुम्हारी आँखों का वहम है।
हम : खफा हो मुझसे ?
तुम : नहीं तो।
हम : माफी माँगता हुँ तुमसे कल की बात के लिए क्या करूँ चाहके भी अपना गुस्सा रोक नहीं पाया।
तुम : मैंने ऐसा तो कुछ गलत नहीं कहा था कि तुम सब के सामने मुझे डाँटने लगे। तुम नहीं जानते मेरे दिल पर क्या बीत रही है। हर बार तुम अपने प्यार का वास्ता दे देते हो। हर बार तुम ही कहते रहते हो कि 'तुम मुझसे बहुत प्यार करते हो, बहुत प्यार करते हो। क्या मैं तुमसे प्यार नहीं करती।
हम : मैंने ऐसा तो नहीं कहा।

तुम : तुम नहीं जानते आज मैं किस हालात से गुजर रही हुँ। एक तरफ मेरे पिता हैं जिन्होंने बड़े लाड़-प्यार से मुझे पाल पोसकर बड़ा किया है और दूसरी तरफ तुम जिसे प्यार क्या होता है वो शायद मालूम ही नहीं। शायद तुम नहीं जानते जब शाम को घर पहुँचती हुँ तो घर के सभी लोग मेरी तरफ शक की निगाहों से देखते हैं उनसे बचते बचाते मैं अपने कमरे में जाती हुँ। थोड़ी देर में माँ आती है और पूछती हैं बेटी आज देर क्यों हो गई। तुम्हारी खातिर मुझे कितने सारे झूठ बोलने पडते हैं और तुम हो कि... (आँख में आँसुओं के साथ) तुम्हें नहीं मालूम मैंने आज तक कभी अपने माता-पिता से झूठ नहीं बोला और आज तुम्हारे प्यार में मजबूर होकर मुझे यह सब कुछ करना पड़ रहा है।

हम : तुम इसे मजबूरी कहती हो चलो मजबूरी ही सही लेकिन मैं भी तुम्हें कुछ कहना चाहता हुँ। माना मैं तुम्हें बहुत दु:ख पहुँचाता हुँ, तुमसे झूठ बुलवाता हुँ, तुम्हारी आँखों में आँसू लाता हुँ, मैं जैसा भी हुँ लेकिन आज तुम्हें बहुत मिस कर रहा हुँ। पगली तुम नहीं जानती तुमसे लड़ने के बाद ही तो मुझे मालूम होता है कि वाकई मैं तुमसे कितना प्यार करता हुँ। झगड़ा करने के बाद ही तो मैं जान पाता हुँ कि मुझे तुम्हारी कितनी जरूरत है। भगवान ने मुझे दुनिया की सबसे प्यारी और अनमोल चीज दी है और वो तुम हो 'तुम'

तुम : बस...बस...बहुत हो गया... बटरींग करना तो कोई तुमसे सीखे। तुम झुठ बोलते हुए बिलकुल भी अच्छे नहीं लगते कुक्कु।
हम : चलो अब हंसो...अंजली.... आई लव यू... आई लव यू ....

तुम : आई लव यू टू लेकिन ठहरो मेरा नाम तो अंजली नहीं....तुम को तो......................

जनु की जुबानी

अगर आप किसी से प्यार करते हैं तो उनसे कभी कबार लड़ लिया कीजिए क्योंकि जब आप उनसे लडेंगे तब ही आप जान पाएँगे कि आप उनसे वाकई में कितना प्यार करते हैं। भाई साहब कम्यूटर को भी कभी-कभी ज्यादा लोडिंग के कारण रिस्टार्ट करना पडता है ये तो प्यार है ! प्यार को भी कभी-कभी मीठे झगड़े से रिस्टार्ट करना चाहिए! लेकिन एक बात याद रखिएगा झगड़ा मीठा होना चाहिए। मीठा.....................समझे)

प्रतिसाद

Re: हम-तुम
हम तुम भले ही एक दुसरे के साथ लडते रहे मगर एक दिन हम और तुम दो जिस्म एक जान हो जायेंगे । क्योकी हमारी जिंदंगी में भी फिल्म की तरह सब कुछ ठीक हो जाता है । वरना फिल्म अभी बाकी है मेरे भाई !
Re: हम-तुम
हैल्रो जनक, तुम्हारा लेख मैने पढा जो अच्चा लगा.ये सही है कि जिंदगी में कभी-कभार प्यार में लडाई कर लेनी चाहीऐ नहीं तों पति-पत्नी के बीच प्यार कम हो जाता है.
अस्वीकरण